लॉकडाउन के बीच कालकाजी इलाके में एक शादी बड़े अनोखे अंदाज में हुई। पहले से तय इस शादी में दूल्हा घोड़ी पर चढ़ने की बजाए पुलिस की जिप्सी में बैठकर समारोह स्थल पहुंचा। दुल्हन की विदाई भी जिप्सी में ही हुई। आचार्य, दो पुलिसकर्मी समेत केवल दस लोग ही मौजूद रहे। दूल्हा-दुल्हन ने मास्क लगा रखा था और सोशल डिस्टेसिंग का पूरा ख्याल रखा। दूल्हा कौशल दिल्ली की एक आईटी कंपनी में बड़े पद पर कार्यरत है, जबकि उनकी पत्नी भी एक अन्य आईटी कंपनी में जॉब करती हैं। दोनों की अरेंज मैरिज है। लड़की वाले घर में बना खाना लेकर आए थे। जिसमें खीर, चावल, पूरी, छोले, पनीर की सब्जी और रायता शामिल था। जयमाला, फेरे और खानपान की पूरी प्रक्रिया शाम चार बजे तक निपट गई।
महज 5 घंटे में हो गई जयमाला, फेरे और खानपान की प्रक्रिया
डीसीपी साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक आरपी मीणा ने बताया शनिवार को गोविंदपुरी कालकाजी एरिया में रहने वाले नरेश अहलूवालिया ने किसी जानकार के माध्यम से शनिवार सुबह हेड कांस्टेबल संजीव वोहरा और अनिल कुमार से मदद मांगी। उन्हाेंने बताया कि उनके बेटे कौशल (27) की शादी है, जो पहले से तय है। उन्हें आर्य समाज मंदिर ग्रेटर कैलाश पार्ट वन तक पहुंचाने में मदद करें। दोनों ने इसकी जानकारी कालकाजी थानाध्यक्ष संदीप घई को दी। उन्होंने मदद करने को कहा। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी एक जिप्सी और प्राइवेट कार लेकर नरेश के घर पहुंच गए।
दूल्हा, उसका भाई, नरेश और उनकी पत्नी दोनों गाड़ियों में बैठकर दिन में करीब 11 बजे तक आर्य समाज मंदिर पहुंच गए। मंदिर में दुल्हन पूजा, उनके माता-पिता और आचार्य वीरेन्द्र मौजूद थे। इसके बाद यहां शादी की सभी रस्में पूरी की गईं। सब कुछ सोशल डिस्टेंसिंग के तहत हुआ। दुल्हन को जिप्सी में बिठाकर विदा किया गया। पुलिस ने बताया दोनाें परिवार की ओर से यह शादी 3 महीने पहले तय हुई थी, जिसके बाकायदा कार्ड भी बांटे गए थे। आखिरी में यही निर्णय लिया गया कि शादी को न टाला जाए और रिश्तेदारों को आने से मना कर साधारण तरीके से शादी कर ली जाए। शादी के सम्पन्न होने के बाद दोनों ही परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
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